Mukhymantri Mahila Rojgar Yojana : जीविका 10000 ऐसे चेक होगा पैसा | महिला रोजगार योजना

Mukhymantri Mahila Rojgar Yojana

Mukhymantri Mahila Rojgar Yojana : जीविका 10000 ऐसे चेक होगा पैसा | महिला रोजगार योजना

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना (जीविका 10000) बिहार सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है जिसका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक सशक्तिकरण प्रदान करना है। इस योजना के तहत राज्य की जो महिलाएं जीविका स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी हैं, उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए पहली बार 10,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। इसके बाद, अगर व्यवसाय सही ढंग से चलता है, तो महिलाओं को अतिरिक्त 15,000 रुपये, 75,000 रुपये और 2 लाख रुपये तक के लोन 12% वार्षिक ब्याज दर पर मिले सकते हैं

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योजना की मुख्य बातें और उद्देश्य

इस योजना का उद्देश्य बिहार की महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का है।

बिहार की 75 लाख महिलाओं को इस योजना के तहत लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत दी गई पहली किस्त 10,000 रुपये का भुगतान सीधे DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से महिला के बैंक खाते में होता है।

यह राशि एक बार की सहायता होती है और महिलाओं के व्यवसाय की गुणवत्ता और जरूरत के अनुसार आगे की सहायता दी जाती है।

पात्रता के लिए महिला की उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए, और वह बिहार की स्थायी निवासी होनी चाहिए तथा जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी होनी चाहिए।

योजना के तहत परिवार में एक महिला को लाभ मिलेगा।

योजना के तहत पैसा कैसे चेक करें

महिलाओं को अपने बैंक खाते में पैसे आने की स्थिति जांचने के लिए स्थानीय नगर निकाय कार्यालय या जीविका के जिला कार्यालय से संपर्क करना चाहिए

अगर पैसे नहीं आए हैं तो संभव है कि आवेदन फॉर्म में बैंक खाता विवरण, IFSC कोड या मोबाइल नंबर सही रूप से दर्ज न हो। ऐसी स्थिति में महिला को अपने स्वयं सहायता समूह या ग्राम संगठन से संपर्क कर उसे सुधारना होगा।

योजना की आधिकारिक वेबसाइट mmry.brlps.in से भी अपनी फॉर्म स्थिति और भुगतान की जांच की जा सकती है।

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत बिहार की सरकार ने महिलाओं को स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर किया है, जिससे लगभग 75 लाख महिलाओं को आर्थिक सपोर्ट मिला है इस योजना का लाभ उठाने के लिए सही दस्तावेज और स्वयं सहायता समूह से जुड़ाव आवश्यक है। योजना की पहली किस्त सीधे महिला के बैंक खाते में ट्रांसफर की गई है,

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