Diwali Weather Alert News : 17 से 22 अक्टूबर के बीच इन राज्यों में होगी बारिश, आ गया IMD का अलर्ट।
Diwali Weather Alert News:भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिवाली 2025 (17 से 22 अक्टूबर) के बीच कई राज्यों में असामयिक बारिश और तूफानों की संभावना जताई है। विभाग ने दक्षिण भारत और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है।
महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में बरसात का असर17 से 22 अक्टूबर के बीच पश्चिमी महाराष्ट्र के पुणे, सातारा, अहमदनगर, छत्रपति संभाजीनगर, बीड और सिंधुदुर्ग जिलों में बीच-बीच में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं और बादलों से ढके आसमान की संभावना जताई गई है। यह मौसम वासरुबार (17 अक्टूबर), धनत्रयोदशी (18 अक्टूबर) और नरक चतुर्दशी (20 अक्टूबर) जैसे प्रमुख दिनों पर प्रभाव डाल सकता है।
दक्षिण भारत के राज्यों में जोरदार बारिश।
IMD ने चेतावनी दी है कि तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और लक्षद्वीप में 18 अक्टूबर तक लगातार बारिश हो सकती है। कई जगहों पर बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ भारी वर्षा की संभावना है। विशेष रूप से केरल, तमिलनाडु और तटीय आंध्र प्रदेश में 16 से 18 अक्टूबर के बीच भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है।
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का असर।
MD के अनुसार, 18 अक्टूबर के आसपास अरब सागर में एक निम्न दबाव क्षेत्र बन सकता है, जो अगले दो दिनों में डिप्रेशन में बदलने की संभावना है। साथ ही दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में 24 अक्टूबर के आसपास एक और निम्न दबाव विकसित होने की संभावना है, जिससे सप्ताह के अंत में फिर से दक्षिण भारत के कई इलाकों में बारिश बढ़ सकती है।
सुरक्षित क्षेत्रों में शुष्क मौसमउत्तर भारत खासकर दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा। इन राज्यों में दिवाली के दौरान साफ आसमान और सुहावना तापमान रहने की संभावना है, जिससे त्योहार का आनंद बिना मौसम की परेशानी के लिया जा सकेगा।
निष्कर्ष:
कुल मिलाकर, 16 से 22 अक्टूबर के बीच दक्षिण और पश्चिम भारत में बारिश का दौर रहेगा, जबकि उत्तर भारत में ठंडक बढ़ेगी और साफ मौसम देखने को मिलेगा। दिवाली (20-21 अक्टूबर) के दौरान दक्षिणी राज्यों में बारिश के कारण त्योहार की तैयारियों पर हल्का असर पड़ सकता है, इसलिए यात्रा या आउटडोर कार्यक्रमों की योजना बनाते समय स्थानीय मौसम बुलेटिन पर ध्यान देना आवश्यक है ।