PM Kisan Yojana
PM Kisan Yojana: की 21वीं किस्त पर आया बड़ा अपडेट | जान लीजिए बैंक अकाउंट में कब आएंगे 2,000 रुपये
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan Yojana) की 21वीं किस्त अक्टूबर 2025 में जारी की गई है। केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश, पंजाब, और उत्तराखंड के लगभग 27 लाख किसानों के बैंक खातों में सीधे ₹2,000 की राशि ट्रांसफर की है। यह विशेष किस्त हाल की बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए जल्दी जारी की गई है। बाकी राज्यों के किसानों के खाते में भी यह राशि दिवाली (20-21 अक्टूबर 2025) से पहले पहुंचने की संभावना है। किसानों को भुगतान प्राप्त करने के लिए अपना KYC अपडेट कराना आवश्यक है, अन्यथा वे इस किस्त से वंचित रह सकते हैं।
21वीं किस्त का महत्व और उद्देश्य
PM Kisan योजना के तहत किसानों को सालाना ₹6,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है, जो तीन बराबर किस्तों में चार महीने के अंतराल पर ₹2,000 की राशि के रूप में मिलती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को बीज, उर्वरक, और अन्य खेती संबंधित खर्चों के लिए आर्थिक मदद प्रदान करना है। 21वीं किस्त की विशेषता यह है कि इसे प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित तीन राज्यों के किसानों के लिए प्राथमिकता दी गई है ताकि वे तत्काल आवश्यक खर्चों को पूरा कर सकें और खेती को पुनः शुरू कर सकें।
किस्त जारी होने की तारीख और प्रक्रिया
केंद्र सरकार ने 26 सितंबर 2025 को हिमाचल प्रदेश, पंजाब, और उत्तराखंड के किसानों के लिए 21वीं किस्त जारी की। अन्य राज्यों के किसानों के खाते में भी यह राशि जल्द ही ट्रांसफर की जाएगी; मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दिवाली से पहले सभी किसानों को यह किस्त मिल सकती है। इसके लिए किसानों का KYC पूरा होना आवश्यक है। यदि KYC पूरी नहीं है, तो लाभार्थी को यह राशि नहीं मिलेगी। जनता को यह सुविधा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की आधिकारिक वेबसाइट और संबंधित पोर्टल से चेक करने की सलाह दी जाती है
पात्रता और अन्य शर्तें
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों के पास अधिकतम 2 हेक्टेयर जमीन होनी चाहिए।
किसान की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
सरकारी कर्मचारी या जिनके पास बड़ी निजी संपत्ति है, वे इस योजना के पात्र नहीं हैं।
किसानों को योजना में समय-समय पर अपना डाटा और KYC अपडेट करते रहना होता है ताकि वे लाभ प्राप्त कर सकें।
भुगतान का उपयोग
किसानों को प्राप्त ₹2,000 की राशि का उपयोग वे तत्काल घरेलू जरूरतों के लिए कर सकते हैं, साथ ही अगली बुवाई के लिए बीज, उर्वरक और खेती के अन्य आवश्यक सामान खरीदने में भी कर सकते हैं। यह राशि किसानों की आर्थिक स्थिति को सुधारने और प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित कृषि कार्य को पुनः प्रारंभ करने में सहायता करती है।